#फुंगशुक #वांगडू उर्फ #सोनम #वांगचुक
पहले फिल्म बना कर इस व्यक्ति को पॉपुलर किया गया फिर इसने कुछ छोटे बड़े पर्यावरण संरक्षण के प्रयोग कर सबका ध्यान खींचा… तमाम लिबरल, इको सिस्टम ने इसे आंखों का तारा बनाया…
अब ये अपने असली रंग में आता है और पिछले वर्ष ये लद्दाख को संपूर्ण राज्य और पूर्ण स्वायत्तता की मांग लेकर दिल्ली कूच कर जाता है…
पिछली बार ये दिल्ली तक पहुंचा और प्रधानमंत्री जी ने इसे इसकी मांगो हेतु विचार करने को कह कर इसे वापस भेजा…
अब ये फिर से लेह में अनशन पर बैठ गया और आज इसने लद्दाख के लोगों को लेह आमंत्रित किया और प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यालय में आगजनी और पुलिस से मारपीट कराई… पुलिस वाहन फूंके गये
चीन और पाकिस्तान से जुड़े लद्दाख को स्वायत्तता कैसे संभव है?
6वीं सूची में याने कानून बनाने का अधिकार कैसे दिया जा सकता है? जबकि
अभी भी लद्दाख के पास अपनी कौंसिल है, अपना सांसद है वो राष्ट्र विमर्श में बराबरी से शामिल होते हैं… सोनम वांगचुक जार्ज सोरोस गैंग का ही हिस्सा है और नया टूल किट पर काम कर रहा है।
लेह लद्दाख के लोगों की प्रमुख मांग यू टी की ही थी और सरकार ने धारा 370 हटाने के साथ पूरा भी कर दिया है।
लेकिन कुछ लोग शांति चाहते कहां है?
यही सोनम वांगचुक पता नहीं किस बिल में घुसा पड़ा हुआ था जब लेह लद्दाख का पूरा अधिकार कश्मीर घाटी के जिहादी लूट खा रहे थे। लेकिन 2019 से ही निकल कर सरकार विरोधी माहोल बना रहा है, हिंसा भड़का रहा है, मतलब साफ है अशांति। पहले कहां थे भाई जब लद्दाख धारा 370 के कारण उपेक्षित सिसक रहा था ?
आज भारत विरोधी शक्तियों से टुकड़े चाट कर लद्दाख को अशांत कर रहा है!
2019 के पहले कितनी भूख हड़ताल की थी?
1947 से लद्दाख जम्मू कश्मीर का हिस्सा रहा तो कुछ भी नहीं मिलता था, आज केंद्र शासित होने के बाद स्वास्थ, शिक्षा, रोजगार सभी दिखा में काम हो रहा है, इंफ्रा का जाल बिछ रहा है, देश भर से टूरिस्ट पहुंच रहे हैं… ऐसे हालत में एक व्यक्ति द्वारा ये सब हरकते स्फूर्त नहीं बल्कि किसी एजेंडा का हिस्सा लगती है…
सरकार कड़ाई से सीमांत प्रदेश में विरोध से निपटे🇮🇳
